कर्मचारियों के लिए ईपीएफओ से जुड़ी पेंशन योजना को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या 10 साल की नौकरी पूरी होने पर पेंशन मिल जाती है। हाल ही में ईपीएफओ ने कर्मचारियों की सुविधा के लिए नियमों को लेकर नई जानकारी साझा की है। अगर आप नौकरी करते हैं और आपके वेतन से हर महीने ईपीएफ काटा जाता है, तो यह जानना जरूरी है कि कितने साल बाद आपको पेंशन का लाभ मिल पाएगा और इसके लिए कौन सी शर्तें लागू हैं।
ईपीएफओ पेंशन योजना क्या है
कर्मचारी पेंशन योजना ईपीएस, ईपीएफओ के तहत संचालित होती है। यह उन कर्मचारियों के लिए बनाई गई है जिन्हें रिटायरमेंट के बाद नियमित आय की जरूरत होती है। नौकरी के दौरान कर्मचारी और नियोक्ता दोनों ईपीएफ में योगदान करते हैं, जिसमें से नियोक्ता का एक हिस्सा ईपीएस में जाता है। यही राशि भविष्य में पेंशन का आधार बनती है।
क्या 10 साल पूरी होने पर पेंशन का हक बन जाता है
ईपीएफओ के नियमों के अनुसार कर्मचारी को पेंशन का अधिकार तभी मिलता है जब वह कम से कम 10 साल की सेवा पूरी कर लेता है। यानी यदि किसी कर्मचारी की नौकरी में कुल सर्विस अवधि 10 वर्ष या उससे अधिक हो जाती है, तो वह 58 वर्ष की आयु पूरी करने पर पेंशन का दावा कर सकता है। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति 10 साल से पहले नौकरी छोड़ देता है, तो उसे पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे मामलों में कर्मचारी ईपीएस राशि की निकासी का विकल्प चुन सकता है।
कितनी पेंशन मिलेगी
पेंशन की राशि कर्मचारी के सर्विस पीरियड और पेंशन योग्य वेतन पर निर्भर करती है। सामान्य रूप से देखा जाए तो 10 साल नौकरी करने वाले कर्मचारी की पेंशन उतनी बड़ी नहीं होती, लेकिन जैसे-जैसे सर्विस अवधि बढ़ती है, पेंशन भी बढ़ती जाती है। यदि कोई कर्मचारी 20 से 30 साल या उससे अधिक सेवा करता है, तो पेंशन राशि काफी बढ़ जाती है। पेंशन की गणना ईपीएफओ के निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर की जाती है।
क्या पहले भी पेंशन ली जा सकती है
ईपीएफओ के नियमों के अनुसार कर्मचारी चाहे तो 50 वर्ष की आयु के बाद भी पेंशन का दावा कर सकता है, लेकिन ऐसा करने पर उसे कम पेंशन मिलेगी। इसे रिड्यूस्ड पेंशन कहा जाता है। जबकि 58 वर्ष की आयु पर पूर्ण पेंशन का लाभ मिलता है।
पेंशन के लिए कैसे करें आवेदन
पेंशन प्राप्त करने के लिए कर्मचारी को ईपीएस से जुड़े फॉर्म और दस्तावेज जमा करने होते हैं। कर्मचारी सेवानिवृत्ति या नौकरी छोड़ने के बाद ईपीएफओ ऑफिस या ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर पेंशन प्रक्रिया पूरी कर सकता है। आधार, बैंक खाता और सेवा से जुड़े दस्तावेज आवश्यक होते हैं।
नए नियमों से क्या बदला
नई गाइडलाइंस के अनुसार ईपीएस सदस्यता, ई-नामांकन और सेवा सत्यापन की प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया गया है। इससे कर्मचारियों को पेंशन क्लेम और दस्तावेज प्रक्रिया में आसानी हो गई है। ईपीएफओ का लक्ष्य है कि पेंशन सिस्टम को अधिक पारदर्शी और सरल बनाया जाए ताकि कर्मचारियों को भविष्य में आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
Disclaimer:
इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य वित्तीय जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी निवेश या सरकारी लाभ का निर्णय लेने से पहले संबंधित विभाग या आधिकारिक पोर्टल पर नवीनतम नियम और शर्तें अवश्य जांच लें। सरकार समय-समय पर नियमों में बदलाव कर सकती है।
